फिशर क्या है?
फिशर गुदा की अंदरूनी परत में आई एक छोटी दरार है। यह अक्सर सख़्त मल निकलने पर बनती है। मरीज़ इसका दर्द 'ब्लेड जैसा' बताते हैं, जो मल त्याग के बाद भी कुछ समय तक बना रहता है।
दर्द के कारण मांसपेशी में सिकुड़न आती है, जिससे उस हिस्से में खून का प्रवाह कम हो जाता है और दरार भरने में देर लगती है। इसी वजह से फिशर पुराना हो सकता है।
फिस्टुला क्या है?
फिस्टुला की शुरुआत आमतौर पर गुदा की एक ग्रंथि में संक्रमण से होती है। संक्रमण से फोड़ा बनता है, फोड़ा फूटने या निकाले जाने के बाद जो नली पीछे रह जाती है वही फिस्टुला है।
इसमें गुदा के पास एक छोटा छेद दिखता है जिससे पीप या खून मिला स्राव आता रहता है। बीच-बीच में सूजन बढ़ती है और स्राव निकलने पर आराम मिल जाता है — इसीलिए लोग इसे ठीक हुआ मान लेते हैं।
मुख्य अंतर एक नज़र में
दोनों समस्याओं को पहचानने में ये बिंदु मदद करते हैं।
- फिशर में मुख्य शिकायत दर्द है; फिस्टुला में मुख्य शिकायत स्राव है
- फिशर एक दरार है; फिस्टुला एक नली है
- फिशर सख़्त मल से बनता है; फिस्टुला संक्रमण या फोड़े के बाद बनता है
- फिशर अक्सर दवा और खानपान सुधार से भर जाता है; फिस्टुला की नली को इलाज की ज़रूरत होती है
- फिस्टुला में बार-बार सूजन और आराम का चक्र चलता रहता है
क्या दोनों एक साथ हो सकते हैं?
हाँ। कई मरीज़ों में बवासीर, फिशर और फिस्टुला में से एक से अधिक स्थिति मिलती है। इसलिए जाँच में पूरे क्षेत्र को देखा जाता है, केवल जिस शिकायत के लिए मरीज़ आया है उस पर ध्यान सीमित नहीं रखा जाता।
इलाज में अंतर
फिशर के इलाज में मल को नरम रखना, दर्द और सिकुड़न कम करने की दवा और खानपान में सुधार शामिल है। पुराना फिशर न भरे तो प्रक्रिया की सलाह दी जाती है।
फिस्टुला में पहले संक्रमण नियंत्रित किया जाता है, फिर नली की स्थिति के अनुसार इलाज तय होता है। जटिल फिस्टुला में एमआरआई जैसी जाँच की ज़रूरत पड़ सकती है।
Frequently asked questions
This article is general health information and does not replace a clinical examination. Please consult a doctor about your own symptoms.





